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| केसरदेसर गांव में श्री गौ नंदी कृपा कथा एवं सुरभि यज्ञ संपन्न |
गौ माता की पूजा व सेवा करने से सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति-संत ग्वालजी
बीकानेर, 06जून। गौ सम्मान आह्वान अभियान को प्रचंड वेग देने के लिए केसरदेसर जाटान गांव की गौशाला में आयोजित 7 दिवसीय श्री गौ नंदी कृपा कथा एवं सुरभि यज्ञ का समापन शनिवार महा आरती, सामूहिक प्रसाद तथा गौ रक्षकों व गौ सेवकों के अभिनंदन से हुआ। संत महात्माओं के सान्निध्य में गौ शाला के संचालकों व गौ भक्तों की सभा हुई जिसमें गाय को राष्ट्रमाता बनाने व गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के लिए अधिकाधिक हस्ताक्षर करवाने तथा 27 जुलाई 2026 को अधिकाधिक संख्या में कलक्टर को हस्ताक्षर प्रपत्र देने का संकल्प दोहराया गया।
श्री गौ नंदी कृपा कथा के अंतिम दिन गो, पर्यावरण एवं अध्यात्म चेतना पद यात्रा के प्रणेता तथा श्री गोपाल परिवार संघ के संस्थापक ग्वाल संत गोपाल नंदजी सरस्वती ’’गुरुजी’’ ने कहा कि गौ को देवगण और नारद मुनि सहित सभी ऋषि, मुनि, संत महात्मा ’’सर्वसहा’’ (सभी को सहन करने वाली, सबका कल्याण करने वाली) के नाम से वंदना करते है। ’’नमो गौभ्यः श्रीमतीभ्यः एव च। नमो ब्रह्मसुताभ्यश्च पवित्राभे नमो नमः।। आदि मंत्र या ऊं गौ नमः’’मंत्रों का स्मरण करते हुए ’’जय गौमाता’’ शब्द का उच्चारण करते हुए गौ माता को प्रणाम करते हुए सेवा करने से सुख, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि देवी करणी माता के गौ सेवा के प्रसंग को सुनाते हुए कहा कि बीकानेर की ख्यात व करणी माता के चरित्र में बताया गया कि गायों को चरने व पानी पीने से रोकने वाले राव अकाल मृत्यु का सामना करना पड़ा वहीं गौ रक्षा करने वाले राव रिडमल को राजगद्दी मिली। उन्होंने प्रधानमंत्री की अपील वाला गीत ’’ सुन मोदी जी कुर्सीवाला, इस कलिकाल में कोई नहीं गौ का रखवाला’’ सुनाते हुए कहा कि गौ माता में राज देने व राजपाठ छीनने की शक्ति है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में झाड़ा, जंतर, मंतर, जादू, टोना टोटका करने वाले 99 प्रतिशत फर्जी तांत्रिक है, इनके चंगुल में नहीं फसे तथा किसी तरह की आशंका होने पर गौ माता की पूजा व सेवा के साथ गौरज, गौ मूत्र व गोबर का उपयोग करें।
स्वामी चन्द्रदास महाराज ने कहा कि राजस्थान वीरों व सूरवीरों की, धर्मात्माओं तथा गौ रक्षकों की पवित्र भूमि है। राजस्थानी गौ सम्मान आह्वान अभियान को प्रचंड वेग देने के लिए लिए सक्रिय सहभागिता निभाएं । कथा वाचक राकेश भाई पारीक ने राम चरित मानस के बाल कांड की चौपाई ’’विप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार । निज इच्छा निमित तनु माया गुन गो पार।।’’ सुनाते हुए कहा कि ब्राह्मण, गौ, देवता और संतो ंके लिए भगवान ने मनुष्य का अवतार लिया। भगवान राम व श्रीकृष्ण के जीवन आदर्श से भी गौ माता की पूजा, अर्चना व सेवा की प्रेरणा मिलती है।
गो भक्त श्रीमती मणका देवी गोपी किशन चांडक की ओर से आयोजित श्री गौ नंदी कृपा कथा एवं सुरभि यज्ञ में वेद पाठी ब्राह्मणों ने सर्व कल्याण व गौ माता की रक्षा के लिए सवा लाख मंत्रों से आहूतियां दिलवाई। सैकड़ों अनुष्ठान के संयोजक जुगल चांडक श्रीमती मधु चांडक, सुशील-स्नेहा चांडक, सुनील-संतोष व प्रयाग चंद चांडक आदि ने गौ भक्तों का अभिनंदन किया किया तथा आयोजन में परोक्ष-अपरोक्ष रूप् से सेवाएं देने वालों का आभार l
