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| कल आयोजित होगी 30वीं गीता ज्ञान लिखित परीक्षा |
बीकानेर। शुक्रवार, 2 अक्टुबर। परम श्रद्धेय स्वामी संवित् सोमगिरिजी महाराज के आशीर्वाद से तथा उनके कृपापात्र शिष्य, मंदिर अधिष्ठाता पूज्य स्वामी श्रीविमर्शानंदगिरि जी महाराज के सान्निध्य में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को दृष्टिगत रखते हुए पिछले 29 वर्षों से लिखित परीक्षा का आयोजन होता रहा है, जिसके फलस्वरूप इस परीक्षा से अब तक लाखों विद्यार्थी लाभान्वित हो चुके हैं, उसी कड़ी में कल 30वीं गीता ज्ञान लिखित परीक्षा शनिवार, 3 अक्टुबर को प्रातः 11 से 12 बजे तक विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित होगी ।
इस अवसर पर पूज्यश्री स्वामीजी महाराज ने परीक्षा का संक्षिप्त विवरण देते हुए बतलाया है कि गीता ज्ञान परीक्षा के इस महायज्ञ हेतु संदर्भित निर्धारित ग्रन्थ - श्रीमद्भगवद्गीता क्रमांक 20, गीताप्रेस, गोरखपुर अथवा मानव प्रबोधन प्रन्यास द्वारा प्रकाशित गीता-पुस्तक की सहायता से विद्यार्थीं अपने प्रश्न-पत्र को हल करेंगे। परीक्षा देते समय सभी विद्यार्थियों के पास उक्त निर्धारित पुस्तक होना स्कूल परीक्षा प्रभारी सुनिश्चित करेंगें। पुस्तक के अभाव में परीक्षा में परीक्षार्थी परीक्षा देने का पात्र नहीं होगा, इसलिए परीक्षार्थी के पास उक्त निर्धारित पुस्तक होना अनिवार्य है। गीता ज्ञान परीक्षा के इस महायज्ञ हेतु प्रति विद्यार्थी 5 रुपये का शुल्क रखा गया है तथा इस परीक्षा से संबंधित आवश्यक सामग्री शाला प्रभारियों को क्षेत्रीय प्रभारियों द्वारा उपलब्ध करवा दी जाएगी तथा प्रत्येक विद्यालय की सभी कक्षाओं के 10 प्रतिशत विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिसके न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है।
परीक्षा पाठ्यक्रम का कक्षा वार वर्गीकरण इस प्रकार हैः-
शिशु वर्ग कक्षा- 4 व 5 के विद्यार्थी हेतु गीता के 1 से 3 अध्याय तक।
कनिष्ठ वर्ग कक्षा- 6, 7, 8 के विद्यार्थी हेतु गीता के 1 से 9 अध्याय तक।
वरिष्ठ वर्ग कक्षा- 9 से 12 के विद्यार्थी हेतु गीता के 1 से 18 अध्याय तक। महाविद्यालय वर्ग सभी कक्षाओं के विद्यार्थी हेतु गीता के 1 से 18 अध्याय तक।
मानव प्रबोधन प्रन्यास के विजेन्द्र सिंह भाटी बताया कि आज सायं 5ः30 बजे पूज्यश्री स्वामी जी महाराज के सान्निध्य में गीता ज्ञान परीक्षा के सफल आयोजन हेतु गीता प्रभारी व गीता कार्यकर्ताओं की सभा का पुनः आयोजन किया गया, जिसमंे परीक्षा की तैयारियों की अंतिम रूपरेखा तैयार कर सभी गीता प्रभारियों एवं कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपी गई।
